Mukesh Ambani Alok Industries Share एक बार फिर शेयर बाजार में चर्चा का केंद्र बन गया है। रिलायंस ग्रुप से जुड़ी टेक्सटाइल कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर में एक ही कारोबारी दिन में करीब 10 प्रतिशत की तेज़ी दर्ज की गई। इस उछाल के बाद शेयर का भाव बढ़कर लगभग ₹17.69 के स्तर तक पहुंच गया। लंबे समय से सस्ते दाम पर ट्रेड कर रहा यह शेयर अचानक निवेशकों के रडार पर आ गया है।
इस तेज़ी की सबसे बड़ी वजह कंपनी द्वारा लिया गया एक अहम कारोबारी फैसला माना जा रहा है। जैसे ही यह जानकारी बाजार में आई, निवेशकों का भरोसा बढ़ा और Mukesh Ambani Alok Industries Share में खरीदारी तेज हो गई।
Alok Industries Latest News से क्यों आया शेयर में उछाल
Alok Industries Latest News के अनुसार, कंपनी ने अपनी एक विदेशी सहायक इकाई के निवेश से बाहर निकलने का फैसला किया है। आलोक इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल लिमिटेड ने “मिलेटा ए.एस.” नाम की कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। यह सौदा 16 दिसंबर 2025 को पूरा हुआ और इसे “क्रेस्कॉन ए.एस.” के साथ अंतिम रूप दिया गया।
इस डील की कुल कीमत 5,58,825 यूरो रही, जो भारतीय मुद्रा में बदलने पर कई करोड़ रुपये बैठती है। सबसे अहम बात यह रही कि यह पूरा सौदा कैश में किया गया है, जिससे कंपनी की नकदी स्थिति पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। इस खबर के सामने आते ही Mukesh Ambani Alok Industries Share में अचानक वॉल्यूम और डिमांड दोनों बढ़ गईं।
Meesho Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030
कंपनी के स्ट्रैटेजिक फैसले ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
कंपनी प्रबंधन का कहना है कि इस सौदे का उद्देश्य अपने वैश्विक कारोबार को फिर से व्यवस्थित करना है। आलोक इंडस्ट्रीज अब उन बिजनेस से बाहर निकल रही है जो उसके मुख्य टेक्सटाइल कारोबार से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं। इस बिक्री के बाद मिलेटा ए.एस. अब आलोक इंडस्ट्रीज ग्रुप की सहायक कंपनी नहीं रहेगी।
Mukesh Ambani Alok Industries Share के निवेशकों के लिए यह संकेत माना जा रहा है कि कंपनी अब फोकस्ड अप्रोच के साथ आगे बढ़ रही है। गैर-जरूरी इंटरनेशनल एसेट्स से बाहर निकलने से कंपनी का स्ट्रक्चर हल्का होगा और मैनेजमेंट अपने कोर ऑपरेशंस पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेगा।
RVNL Share Price Target 2026,2027,2028,2029, 2030 तक
टेक्सटाइल बिजनेस पर रहेगा अब पूरा फोकस
आलोक इंडस्ट्रीज का मुख्य कारोबार टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा हुआ है। कंपनी कॉटन यार्न, फैब्रिक और रेडीमेड गारमेंट्स के क्षेत्र में काम करती है। Mukesh Ambani Alok Industries Share से जुड़ी ताज़ा खबरों के मुताबिक, अब कंपनी अपने उत्पादन को बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने पर जोर दे रही है।
नॉन-कोर एसेट्स से निकलने के बाद लागत नियंत्रण आसान होगा और भविष्य में मार्जिन सुधरने की संभावना बनेगी। यही वजह है कि निवेशक इस फैसले को लंबी अवधि के लिए पॉजिटिव मान रहे हैं।
तिमाही नतीजों में भी दिख रहा है सुधार
Mukesh Ambani Alok Industries Share की तेजी के पीछे कंपनी के तिमाही नतीजों में आया सुधार भी एक अहम कारण है। सितंबर 2025 की तिमाही में कंपनी की कुल बिक्री ₹941.09 करोड़ रही, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹885.66 करोड़ थी। यानी सालाना आधार पर करीब 6.26 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है।
हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन नुकसान में बड़ी कमी देखने को मिली है। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी का नेट लॉस ₹162.38 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यही नुकसान ₹262.10 करोड़ था। घाटे में यह कमी इस बात का संकेत देती है कि कंपनी धीरे-धीरे टर्नअराउंड की ओर बढ़ रही है।
Mukesh Ambani Alok Industries Share में आगे क्या उम्मीदें
शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि Mukesh Ambani Alok Industries Share में हालिया तेजी पूरी तरह खबर आधारित है, लेकिन इसके पीछे फंडामेंटल सुधार के संकेत भी नजर आने लगे हैं। रिलायंस ग्रुप के समर्थन से कंपनी को फाइनेंशियल स्टेबिलिटी मिली है और अब मैनेजमेंट के फैसले ज्यादा स्ट्रैटेजिक दिखाई दे रहे हैं।
अगर आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू ग्रोथ बनी रहती है और घाटा और कम होता है, तो यह शेयर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प बन सकता है। हालांकि, अभी भी यह एक हाई-रिस्क स्टॉक माना जाता है, क्योंकि कंपनी पूरी तरह से मुनाफे में नहीं आई है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
Mukesh Ambani Alok Industries Share भले ही ₹17 के आसपास ट्रेड कर रहा हो, लेकिन सस्ता शेयर होना हमेशा सुरक्षित निवेश की गारंटी नहीं होता। इसमें तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी के फाइनेंशियल्स, कर्ज स्थिति और भविष्य की रणनीति को समझना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
Mukesh Ambani Alok Industries Share में आई 10 प्रतिशत की तेजी कंपनी के स्ट्रैटेजिक फैसलों, नॉन-कोर एसेट्स की बिक्री और तिमाही नतीजों में सुधार का नतीजा है। यह शेयर एक बार फिर निवेशकों की नजर में आ गया है। आने वाले समय में कंपनी का फोकस टेक्सटाइल बिजनेस पर कितना असरदार साबित होता है, इसी पर इस शेयर की अगली चाल निर्भर करेगी।



